:
Breaking News

लखीसराय में किसानों के डिजिटल पंजीकरण पर जोर, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

लखीसराय में आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान योजना और भूमि अभिलेख सुधार से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

लखीसराय/आलम की खबर:कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को लखीसराय समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में एग्री स्टैक परियोजना एवं फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की, जिसमें जिले के वरीय प्रशासनिक एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने जिले में चल रहे किसान पंजीकरण, फार्मर आईडी निर्माण और भूमि अभिलेखों से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों का प्रमाणिक डाटा तैयार होगा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के आवेदन भूमि संबंधी तकनीकी कारणों से लंबित हैं, उनके मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि सुधार, म्यूटेशन एवं परिमार्जन से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन कर किसानों को राहत प्रदान की जाए।

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के लिए अभियान चलाकर कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके लिए पंचायत स्तर तक समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

बैठक में यह बात भी सामने आई कि कई क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों की त्रुटियों और लंबित म्यूटेशन मामलों के कारण किसान विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण परेशान न हों, इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने पंचायत स्तर पर राजस्व कर्मियों और कृषि विभाग के कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि यदि दोनों विभाग मिलकर कार्य करेंगे तो फार्मर आईडी निर्माण और किसान पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से गांवों में जागरूकता बढ़ाने और किसानों को डिजिटल पंजीकरण के लाभों के बारे में जानकारी देने को भी कहा।

बैठक के दौरान जिला और प्रखंड स्तर पर मॉनिटरिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि अभियान की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए और जहां भी किसी प्रकार की बाधा आए, उसका तत्काल समाधान किया जाए।

एग्री स्टैक परियोजना को लेकर उन्होंने कहा कि यह भविष्य की कृषि व्यवस्था की आधारशिला साबित हो सकती है। इस परियोजना के माध्यम से किसानों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार होगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, कृषि संबंधी आंकड़े जुटाने और नीति निर्माण में काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल किसान पहचान प्रणाली कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। इससे पात्र किसानों की सही पहचान सुनिश्चित होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सकेगा।

बैठक के अंत में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य संस्कृति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी अधिकारी समन्वित प्रयासों के माध्यम से निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करेंगे।

बैठक में जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा विभिन्न अंचलों के अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।

डिजिटल खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

भारत की कृषि व्यवस्था तेजी से डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। एग्री स्टैक और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलें किसानों को तकनीक से जोड़ने और योजनाओं के लाभ को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तो किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी और कृषि प्रशासन अधिक जवाबदेह बन सकेगा। हालांकि इसके लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता, प्रशासनिक समन्वय और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता बेहद जरूरी होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *